भारत में नई टेक्नोलॉजी को लेकर बड़ा अपडेट, जानिए क्या बदला
भारत में नई टेक्नोलॉजी का फोकस अब सामान्य उपभोग से बढ़कर ‘सॉवरेन एआई’ (Sovereign AI), सेमीकंडक्टर निर्माण और डीप-टेक इनोवेशन की ओर शिफ्ट हो गया है। सरकार के IndiaAI Mission के तहत हज़ारों जीपीयू (GPUs) की क्षमता तैयार की गई है और देश में घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर प्लांट्स व स्वदेशी तकनीक पर जोर दिया जा रहा है। [1, 2, 3, 4, 5]
क्या और कैसे बदला भारत का तकनीकी परिदृश्य
लोकेशन और 5G/6G तकनीक: 5G के व्यापक विस्तार के बाद अब देश में मेड-इन-इंडिया 6G तकनीक और बेहद सटीक लोकेशन ट्रैकिंग (GNSS RTK) जैसी एडवांस्ड नेटवर्किंग पर काम तेज हो गया है। [1, 2]
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉवरेन एआई: देश में लोकल लैंग्वेज और डेटा जरूरतों के हिसाब से भाषणि (Project Bhashini) और स्थानीय स्टार्टअप्स जैसे Sarvam AI व Krutrim द्वारा स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs) तैयार किए जा रहे हैं। [1]
सेमीकंडक्टर और हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग: भारत अब केवल चिप आयात करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर फैब और पैकेजिंग यूनिट्स स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। [1, 2, 4]
डीप-टेक और ग्लोबल पार्टनरशिप: सरकार ग्लोबल इनोवेशन को बढ़ावा दे रही है, जिसके तहत भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को अंतर्राष्ट्रीय मंच और निवेशकों से जोड़ा जा रहा है। [1]